पुलिस से जुड़े ये 10 अधिकार जान लीजिये | पुलिस से कभी नहीं डरेंगे

0
242
पुलिस से जुड़े 10 अधिकार

आजकाल बहुत सारे लोगों को अपने अधिकार नहीं पता होता है और पुलिस आपको नियमों का पालन किये बिना गिरफ्तार कर लेती है। इस वजह से लोग पुलिस से डरते हैं लेकिन कुछ ऐसे आपके 10 अधिकार होते हैं जोकि आपको जानना बहुत जरूरी है ये जान लेने से आप पुलिस से कभी नहीं डरेंगे।

1. गिरफ्तारी का कारण जानने का अधिकार। CRPC की धारा 50 (1) के तहत गिरफ्तार होने वाले व्यक्ति को अपने गिरफ्तार होने का कारण जानने का पूरा अधिकार होता है।

2. महिला को सिर्फ महिला पुलिस ही गिरफ्तार कर सकती है। CRPC की धारा 46 (1) के तहत महिला को सिर्फ महिला पुलिस ही गिरफ्तार कर सकती है।

3. महिला को सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है। CRPC की धारा 46 (4) के तहत महिला को सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है। मतलब की किसी भी महिला को सूरज उगने से लेकर सूरज डूबने के अंदर-अंदर ही गिरफ्तार किया जा सकता है। अगर इसके बाद गिरफ्तार करने के लिये अलग से ऊपरी अधिकारी जैसे कि S.P. से इसकी परमिशन लेनी होगी।

4. असंज्ञेय अपराध जैसे कि छोटे अपराध किसी को धोखा देना इत्यादि इसमें आपको पुलिस से वारंट देखने का अधिकार होता है। इस मामलों में पुलिस बिना किसी वारंट के किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकती है। संज्ञेय अपराध जैसे कि हत्या, चोरी, डकैती, अपहरण इस तरह के मामलों में पुलिस आपको बिना किसी वारंट के भी गिरफ्तार कर सकती है।

5. अरेस्ट मेमो बनवाने का अधिकार। CRPC की धारा 41b के तहत पुलिस आपको गिरफ्तार करती है तो आपको अरेस्ट मेमों बनवाने का पूरा अधिकार है। इनमें ये लिखा जाता है कि पुलिस आपको किस जुर्म में किस जगह से गिरफ्तार कर रही है। जो पुलिस ऑफिसर आपको गिरफ्तार कर रहा है उसका नाम और उसका रैक लिखा जाता है। साथ में इसमें परिवार या गाँव या मुहल्ले के किसी व्यक्ति का हस्ताक्षर होता है। जो व्यक्ति गिरफ्तार हो रहा है उसका भी हस्ताक्षर करने होते हैं।

6. अरेस्ट हुये व्यक्ति के गिरफ्तारी की सूचना उसके परिवार में देना। अगर कोई व्यक्ति गिरफ्तार हो रहा है तो CRPC की धारा 50A के तहत अगर पुलिस आपको कहीं से भी गिरफ्तार करती है तो उसके गिरफ्तारी की सूचना उसके परिवार वालों को देनी होगी। अगर परिवार में कोई नहीं है तो उसके गाँव या मुहल्ले में किसी मुख्य आदमी को देनी होती है।

7. गिरफ्तार हुये व्यक्ति के स्वस्थ्य का पूरा ध्यान रखना। CRPC की धारा 55A के तहत पुलिस को आपके स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखना होता है।

8. वकील से मिलने का अधिकार। गिरफ्तार हुई व्यक्ति को CRPC की धारा 41D के तहत इंटेरोगेशन के दौरान अपने वकील से मिलने का पूरा अधिकार है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस गिरफ्तार हुये व्यक्ति से इंटेरोगेशन करती है। इसके दौरान आप पुलिस से ये कह सकते है कि मुझे अपने वकील से मिलना है बिना अपने वकील से मिले मैं कुछ नहीं बताउंगा। इसके बाद पुलिस की ये ड्यूटी होती है कि गिरफ्तार हुये व्यक्ति के वकील को लाया जाये।

9. पुलिस आपको 24 घंटे से ज्यादा हिरासत में नहीं रख सकती। CRPC की धारा 57 के अंतर्गत पुलिस गिरफ्तार हुये व्यक्ति को 24 घंटे से ज्यादा हिरासत में नहीं रख सकती। पुलिस को CRPC की धारा 56 के तहत 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार हुये व्यक्ति को कोर्ट में पेश करना होता है। कभी कभी पुलिस की तहकीकात 24 घंटे में पूरी नही होती है, तो गिरफ्तार हुये व्यक्ति 24 घंटे से ज्यादा हिरासत में रखने के लिये पुलिस को CRPC की धारा 167 के तहत मजिस्ट्रेट से परमिशन लेनी होती है।

10. मेडिकल टेस्ट कराने के अधिकार। CRPC की धारा 54 के तहत गिरफ्तार हुये व्यक्ति को अपना मेडिकल टेस्ट कराने के अधिकार होता है। वह पुलिस से कह कर अपना मेडिकल करवा सकता है। जब कोर्ट में आपको पेश किया जाता है तो आपका मेडिकल करवाया जाता है। इससे ये फायदा होता है कि हिरासत में रख कर पुलिस आपसे मारपीट नहीं कर सकती है।

पोस्ट पसंद आया है तो इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों के पास शेयर करिये अगर आपकी कुछ समझ में न आया हो या कोई सुझाव हो तो आप नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बतायें आपके कमेंट का उत्तर जरूर आपको दिया जायेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here