किसी को अपनी गाड़ी में लिफ्ट देना एक क्राइम है ऐसे कानून जिसके बारे में जानना जरुरी है

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किसी को अपनी गाड़ी में लिफ्ट देना एक क्राइम है

काफी सारे कानून ऐसे होते हैं जो की लोगो को पता नहीं होता है, लोगों को तब पता चलता है जब कोई उनको बता है या वो उस कानून को तोड़ चुके होते हैं और पुलिस के हत्थे चढ़ जाते हैं। आज हम इस पोस्ट में आपको कुछ ऐसे कानून के बारे में बताएँगे जो की शायद आपको पता नहीं होगा और आपको ये जानना बहुत जरुरी है।

 

1. किसी भी अंजान व्यक्ति को लिफ्ट देना क्राइम है-

 

अगर आप कहीं जा रहे हैं और कोई व्यक्ति आपसे लिफ्ट मांगें और आप उसे अपनी गाड़ी में लिफ्ट दे दें तो वह एक क्राइम है। किसी को अपनी गाड़ी में लिफ्ट देना मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 66/192 के तहत ये एक क्राइम है। इसके तहत आपको 5000 रुपये का चालान हो सकता है। धारा  66/192 में आपको कोर्ट से ही लाईसेन्स मिलता है। इसका मतलब ये है की आपको कोर्ट में जाकर ही जुर्माना भरना पड़ेगा।

कानून ये मानता है की अगर आप किसी अंजान व्यक्ति को अपनी गाड़ी में बैठाते है तो आप उससे पैसे ले रहें हैं और किसी को पैसे लेकर अपनी गाड़ी में बैठाना एक कमर्शियल एक्टिविटी है। और कमर्शियल एक्टिविटी के लिये आपको एक अलग से लाईसेन्स लेना पड़ता है। तो जब आप किसी को लिफ्ट देते हैं और ट्राफिक पुलिस आपको पकड़ती है तो वह ये मानती है की आप बिना किसी कमर्शियल एक्टिविटी लाईसेन्स के गाड़ी चला रहे हैं। इस लिये आपको 5000 रुपये का जुर्माना भरना पड़ता है।

 

2. पतंग उड़ाना गैर कानूनी है-

 

Aircraft Act 1934 सेक्शन 2 के तहत आप पतंग और बैलून नहीं उड़ा सकते हैं। पतंग उड़ाने के लिये आपको लाइसेंस लेना पड़ेगा। इसके अलावा अगर आप कोई भी चीज़ नहीं उड़ा सकते हैं इसके लिये आपको लाइसेंस लेना पड़ेगा। अगर आप बिना किसी लाइसेंस के पतंग या कोई भी चीज़ उड़ाते हुये पकड़े जाते हैं तो आपको 10 लाख तक जुर्माना भरना पड़ सकता है। तो आप पतंग उड़ाने से पहले एक बार जरूर सोच लीजियेगा। अगर आपको पतंग उड़ाते हुये पुलिस पकड़ती है तो आपको 10 लाख तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है।

 

3. The Sarais Act 1867 सेक्शन 7(2)-

 

The Sarai’s Act 1867 सेक्शन 7(2) के तहत आप किसी भी होटल में पानी पी सकते हैं और वाशरूम इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें आपको कोई भी होटल वो चाहे 1,2,3,4,5, स्टार हो होटल वाले आपको मना नहीं कर सकते। ये कानून है।

 

4. CRPC सेक्शन 50(1)-

 

अगर पुलिस आपको किसी मामले में गिरफ्तार करती है तो आप CRPC की धारा 50(1) के तहत आप पुलिस से वारंट देख सकते हैं। अगर पुलिस आपको वारंट नहीं दिखाती है तो आप पुलिस से चार्ज पूछ सकते हैं कि मुझ पर कौन सा चार्ज लगाया गया हैं। हालांकि अगर आप किसी संज्ञेय अपराध के तहत गिरफ्तार होते हैं तो आपको पुलिस बिना किसी वारंट के गिरफ्तार कर सकती है जैसे कि रेप, मर्डर, शराब पीकर गाड़ी चलाना इत्यादि।

 

5. CRPC सेक्शन 41D-

 

CRPC सेक्शन 41D के तहत अगर पुलिस आपको किसी मामले में गिरफ्तार करती है और आपसे पूछताछ करना चाहती है तो आप पुलिस से ये कह सकते हैं कि जब तक मेरा वकील नही आता है तब तक मैं कुछ नहीं बताऊंगा। ये आपका अधिकार है।

 

6. CRPC सेक्शन 163(3)-

 

अगर आप किसी मामले में पुलिस के पास FIR लिखवाने जाते हैं तो पुलिस को FIR लिखना जरूरी है। अगर पुलिस FIR नहीं लिखती है या कोई बहाना बनाकर टाल देती है तो आप CRPC के सेक्शन 163(3) के अनुसार आप अपने District Magistrate से शिकायत कर सकते हैं। DM पुलिस को FIR दर्ज करने का आदेश जारी करेगा। जिलाधिकारी 24/7 यानी कि 24 घंटे उपलब्ध रहते हैं। मजिस्ट्रेट को शानिवार और रविवार को छुट्टी नहीं होती है।

 

7. Dentist Act 1948 सेक्शन 49-

 

Dentist Act 1948 सेक्शन 49 के अनुसार सड़क दन्त चिकित्सा भारत में गैर कानूनी है। अगर आप सड़क पर दांत की चिकित्सा करने वाले से आप अपने दांतों का इलाज करवाते हैं तो ये गैर कानूनी है। इसी तरह सड़क पर कानों की सफाई करवाना भी गैर कानूनी है। इसके तहत आपको चालान भरना पड़ सकता है।

 

8. इंडियन ट्रेज़र ट्राव एक्ट 1878-

 

अगर आप किसी भी तरह का खजाना आप पाते हैं और उस खजाने की कीमत 10 रुपये तक है तो आप उसे रख सकते हैं लेकिन अगर उसकी कीमत 10 रुपये से ज्यादा है तो उसकी सूचना आपको ऑफिसियल सोर्सेस को इन्फॉर्म करना पड़ेगा। यदि आप सूचना नहीं देते हैं और उसे रख लेते हैं तो ये गैर कानूनी है इसमें आपको सज़ा भी जो सकती है।

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